कमी - the missing link
यह जान न पाये कि आप आखिर चाह्ते क्या हैं, शायद हमारी चाहत में ही कुछ कमी थी।
सपने दिखाकर रिझाना हमारी फ़ितरत में नहीं,
शायद हमारी बातॊं में हकीकत की कमी थी॥
यह दिल तॊ आपका है, हम आपको क्या दावत दें
शायद हमारी मेहज़बानी में इजाज़त की कमी थी॥
इशारॊं में आशिकी जताना हमारी आदत नहीं
शायद हमारी नज़रों में नज़ाकत की कमी थी॥
अपनी तौर-ऒ-तेह्ज़ीब दिल में भरी है
शायद हमारे तरीकॊं में शराफ़त की कमी थी॥
मेरे तराने आपके अरमान न छॆड पाये
शायद हमारे लफ़ज़ॊं में शरारत की कमी थी॥
आपके सिवाय हमने किसी और को चाहा ही नहीं
शायद हमारी मोहब्बत में ज़रूरत की कमी थी॥
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