परेशानी - the dilemma

ए मेरे दिल तू आज परेशान क्यूं है

 

तू तो हर दम उनकी खुशी चाहता था

आज उन्हें खुश देखकर हैरान क्यूं है

ए मेरे दिल...

 

जिस सपनॊं का महल तूने अपने अरमानॊं से सजाया था

आज वहीं पर खुद मेहमान क्यूं है

ए मेरे दिल...

 

जिनसे हर दिन यह नज़र अजनबी बनकर मिलना चाहती थी

आज वही नज़र उनके लिये अनजान क्यूं है

ए मेरे दिल...

 

जिस प्यार के लिये मॊल ली थी सारी दुनिया से दुशमनी

आज उसी प्यार के लिये सारी दुशमनी कुर्बान क्यूं है

ए मेरे दिल...

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